Sunday, October 4, 2020

Important River of MP- मध्‍यप्रदेश की प्रमुख नदियॉ उनके उद्गगम स्‍थल एवं अंत

Important River of MP - मध्‍यप्रदेश की प्रमुख  नदियॉ  उनके उद्गगम  स्‍थल एवं अंत 

Madhya Pradesh Ki Pramukh Nadiya. Madhya Pradesh Ki Pramukh Nadiya evam unke Udgam Sthal. Most important river name for MP Vypam, MPPSC and other Competitive examination 2020

भारत की सर्वाधिक नदियॉ मध्‍यप्रदेश में बहती है इसलिए इसे नदियों का मायका कहा जाता है। लगभग 207 नदिया मध्‍यप्रदेश से प्रवाहित होती है।


 

नर्मदा नदी-  जिसकी लंबाई  1312  किलोमीटर है। एवं मध्य प्रदेश में 1077 किलोमीटर लंबाई है। नर्मदा नदी का उद्गम स्थल अमरकंट, जिला अनूपपुर है, उसकी सहायक नदियां हिरण, तिन्‍दोली, बनास  चंद्रकेसर, कानरए बरना तवा शेर, शक्कर, मान आदि है। नर्मदा नदी गुजरात के खंभात की  अरब सागर में जाकर मिल जाती है |

चंबल नदी - जिसकी लंबाई 965 किलोमीटर है। चंबल नदी का उद्गम स्थल महू इंदौर के निकट जानापाव की पहाड़ी से है। चंबल नदी की सहायक नदियां कालीसिंध पार्वती बनास है।  अंत में है  चंबल नदी  इटावा उत्तर प्रदेश में यमुना में जाकर मिल जाती |

ताप्ती नदी-  इसकी लंबाई 724 किलोमीटर है। ताप्ती नदी का उद्गम स्थल मुलताई जिला बैतूल है। ताप्‍ती की  सहायक नदी पूरणा है और अंत में खंभात की खाड़ी में जाकर मिल जाती है|

सोन नदी - इसकी लंबाई 780 किलोमीटर है।  सोन नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक जिला अनुपपुर है। सोन नदी की सहायक नदियां जोहिला और अंत में बिहार के दीनापुर पहाड़ी से पटना के पास गंगा में जाकर मिल जाती है।

बेतवा नदी इसकी लंबाई 380 किलोमीटर है।  बेतवा नदी का उद्गम स्थल कुमार गांव रायसेन है। इसकी सहायक नदियां बीना धशान सिंध है अंत में हमीरपुर में यमुना में  जाकर मिल जाती है |

शिप्रा नदी लंबाई 195 किलोमीटर है।  नदी का उद्गम काकरी बड़ी जिला इंदौर से हुआ।  जिसकी सहायक नदी खान नदी है।  अंत में है चंबल नदी में जाकर मिल जाती है |

Important River of MP 

तवा नदी -  तवा नदी का उद्गम स्थल पचमणि महादेव  पर्वत से हुआ है। तवा नदी की सहायक नदियां देनवा मालिनी, सुखतवा,  कालीभीत है। अंत में  यह तवा नदी नर्मदा में जाकर मिल जाती है |

बेनगंगा नदी इसकी लंबाई 570 किलोमीटर है।  नदी का उद्गम स्थल पारसवाड़ा पठार सिवनी है।  बेनगंगा नदी की सहायक नदियां कानन, पेंच, बाग है। अंत में यह गोदावरी नदी में जाकर मिल जाती है  |

कालीसिंध नदी की लंबाई 150 किलोमीटर है।  नदी का उद्गम स्थल बागली गांव देवास और अंत में राजस्थान में चंबल में  जाकर मिल जाती है |

केन नदी केन नदी का उद्गम स्थल विद्यांचल पर्वत और अंत में है यमुना में जाकर मिल जाती हो

सिंध नदी - सिंध नदी इसका उद्गम स्थल (सिरोंज) ) गुना है और अंत में उत्तर प्रदेश के चंबल नदी में जाकर मिल जाती है |

गार नदी इसका उद्गम स्थल लखना (सिवनी) है और अंत में यह नर्मदा में जाकर मिल जाती हो |

छोटी तवा नदी का  उद्गम स्थल बैतूल अंत में यह आवना (खंडवा) में जाकर मिल जाती है |

शक्कर नदी जिसकी उद्गम स्थल अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) और अंत में  नर्मदा में जाकर मिल जाती है |

वर्धा नदी किस का उद्गम स्थल  वर्धन शिखर बेतूल  है अंत में वैनगंगा महाराष्ट्र में जाकर मिल जाती है |

कुंवारी नदी इसका उद्गम स्थल शिवपुरी पठार और अंत में चंबल में जाकर मिल जाती है |

पार्वती नदी इसका उद्गम स्थल सिहोर जिले में और अंत में है चंबल में जाकर मिल जाती है |

कूनु  नदी इसकी लंबाई 180 किलोमीटर है।  उद्गम स्थल सीहोर जिले है और अंत में चंबल नदी में जाकर मिल जाती है |

धसान नदी का उद्गम स्थल सागर  और अंत में यमुना नदी में जाकर मिल जाती है |

टोंस/ तमसा नदी - इसका उद्गम स्थल कैमूर पहाड़ी (सतना) है और अंत में है गंगा नदी में जाकर मिल जाती है 

Madhya Pradesh Ki Pramukh Nadiya

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